तेजस्वी यादव का बड़ा हमला: बिहार में खजाना खाली, भ्रष्टाचार चरम पर

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Ajit Kumar

बिहार
पटना में प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार की वित्तीय स्थिति, कथित रिशु श्री महाघोटाले और भ्रष्टाचार को लेकर एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.

रिशु श्री महाघोटाले पर NDA सरकार से पूछे 20 बड़े सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 28 जून 2026: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और भ्रष्टाचार के कारण बिहार कंगाली की ओर बढ़ रहा है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों, बढ़ते कर्ज, राजस्व में गिरावट और लगातार सामने आ रहे घोटालों ने बिहार की अर्थव्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है. उन्होंने दावा किया कि सरकारी खजाने में कर्मचारियों के वेतन, छात्रों की छात्रवृत्ति, पेंशनधारकों की पेंशन और किसानों के भुगतान तक के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है.

बिहार की वित्तीय स्थिति पर सरकार को घेरा

प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आकस्मिक निधि से हजारों करोड़ रुपये निकालने को मजबूर हो गई है. उनका कहना था कि केंद्र सरकार से बार-बार आर्थिक सहायता मांगने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति इस स्तर तक पहुंच चुकी है कि प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है.

उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सीमित सरकारी फंड उपलब्ध है, उसका भी दुरुपयोग भ्रष्ट अधिकारी अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कर रहे हैं.इससे विकास कार्यों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है.

रिशु श्री महाघोटाले को बताया संगठित भ्रष्टाचार

तेजस्वी यादव ने कथित रिशु श्री महाघोटाले को बिहार के इतिहास के सबसे गंभीर मामलों में से एक बताया है.उन्होंने कहा कि एक साधारण ठेकेदार का कई विभागों के टेंडर पर प्रभाव होना प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाता है.

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कैसे एक व्यक्ति वर्षों तक विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करता रहा और निगरानी एजेंसियां इसे रोकने में विफल रहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली अधिकारियों और सत्ता से जुड़े लोगों के संरक्षण के कारण यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक सक्रिय रहा है.

सरकार से पूछे 20 बड़े सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के सामने कई गंभीर सवाल रखे. उन्होंने पूछा कि चार्जशीट में कथित बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम क्यों शामिल नहीं किए गए.साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया, उनकी गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई.

उन्होंने मांग की कि रिशु श्री और उससे जुड़ी सभी कंपनियों को मिले सरकारी ठेकों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए. उनके अनुसार यदि निष्पक्ष जांच होती है तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

ई-टेंडरिंग व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि जब राज्य में सभी सरकारी टेंडर ई-टेंडरिंग प्रणाली के माध्यम से जारी किए जाते हैं, तब भी कथित टेंडर सिंडिकेट पूरे सिस्टम को प्रभावित करने में सफल रहा है .उन्होंने कहा कि यदि यह सच है तो यह सरकार के डिजिटल प्रशासन और पारदर्शिता के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार केवल छोटे अधिकारियों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक संगठित तंत्र काम कर रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

अधिकारियों और रिश्तेदारों की संपत्तियों की जांच की मांग

राजद नेता ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी की जांच पर्याप्त नहीं होगी. उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारियों, उनके परिवारों, रिश्तेदारों तथा उनसे जुड़ी कंपनियों और कंसल्टेंसी फर्मों की भी विस्तृत जांच कराई जाए.उनका आरोप था कि कई विभागों में ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं जो सरकारी परियोजनाओं और टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं.

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मुख्यमंत्री और सरकार पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में नौकरशाही का अत्यधिक प्रभाव है और जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि इतने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी केवल कुछ अधिकारियों पर डालकर मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक जांच एजेंसियों को पहुंचना चाहिए.

निष्पक्ष जांच की मांग

राजद नेता ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तो उसे बिना किसी राजनीतिक दबाव के सभी आरोपों की पारदर्शी जांच करानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब यह जानना चाहती है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किस स्तर तक हुआ और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी.

निष्कर्ष

पटना में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने बिहार की आर्थिक स्थिति, कथित रिशु श्री महाघोटाले और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए तथा सरकार के सामने 20 से अधिक महत्वपूर्ण सवाल रखे. हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और जांच की दिशा दोनों पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.

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