बिहार में RJD का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन

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Ajit Kumar

बिहार
पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ RJD कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

पांच राज्यों में पुनः चुनाव की मांग, RJD ने SIR और चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 25 सितंबर 2026: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा उठाते हुए शुक्रवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों सहित पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया. पटना में यह कार्यक्रम इनकम टैक्स गोलंबर पर पटना जिला राजद के अध्यक्ष दीनानाथ सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया.

पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में हुए चुनावों को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग उठाई.

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राज्य कार्यालय से निकला जुलूस

राजद के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल नेता और कार्यकर्ता पार्टी के राज्य कार्यालय से जुलूस के रूप में निकले. जुलूस वीरचंद पटेल पथ से होते हुए इनकम टैक्स गोलंबर पहुंचा, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी के बाद पुतला दहन किया गया.

राजद नेता एजाज अहमद ने कहा कि यह कार्यक्रम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के आह्वान पर आयोजित किया गया.उनके मुताबिक, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर पूरे बिहार में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया.

25 सितंबर को बिहार में RJD के प्रदर्शन और पांच राज्यों में नए चुनाव की मांग की पुष्टि स्वतंत्र समाचार रिपोर्टों में भी हुई है.

SIR को लेकर राजद ने लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान राजद नेताओं ने चुनाव आयोग की ओर से कराए गए Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर भी सवाल उठाए.पार्टी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का इस्तेमाल इस तरह किया गया, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई.

हालांकि, ये राजद की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं रखा जा सकता. चुनाव आयोग ने 2025 में बिहार SIR के दौरान राजनीतिक दलों और मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिए जाने की जानकारी दी थी. आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नामों पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी.

महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर का भी मुद्दा उठाया

राजद नेताओं ने बिहार चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतदान के आसपास महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप भी लगाया. पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम बताया.

इस दावे के संबंध में प्रदर्शन में राजद की ओर से आरोप लगाए गए, लेकिन उपलब्ध सामग्री में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि प्रस्तुत नहीं की गई है. इसलिए इसे राजद के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए.

चुनाव आयोग की भूमिका पर पारदर्शिता का सवाल

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए पहले से योजना बनाई गई थी और आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

पार्टी नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कथित तौर पर सवाल उठाने वाले दो चुनाव आयुक्त लंबे समय तक क्यों चुप रहे.इसी मुद्दे को लेकर राजद ने चुनाव आयोग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की है.

तेजस्वी यादव ने भी 25 सितंबर को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर आरोप लगाए तथा बिहार सहित पांच राज्यों के हालिया चुनाव रद्द कर दोबारा कराने की मांग की है . उनके बयानों के जवाब में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यदि चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं तो आयोग को अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए.

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पांच राज्यों में पुनः चुनाव की मांग

राजद नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में हुए चुनावों को रद्द कर पुनः चुनाव कराने की मांग दोहराई. पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत नहीं किया जा सकता.

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद जारी अपनी आधिकारिक जानकारी में कहा था कि चुनाव में 67.13 प्रतिशत मतदान हुआ और किसी उम्मीदवार या मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल की ओर से पुनर्मतदान की मांग नहीं की गई थी.आयोग ने SIR के संदर्भ में भी अपनी प्रक्रिया और दावे-आपत्तियों की व्यवस्था की जानकारी दी थी.

इस तरह मौजूदा विवाद में एक तरफ राजद चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपने आधिकारिक दस्तावेजों में चुनाव प्रक्रिया और पुनरीक्षण की निर्धारित व्यवस्थाओं का उल्लेख कर चुका है।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल

राजद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, सांसद सुधाकर सिंह, प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू, प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, रेखा पासवान, डॉ. अनवर आलम, मधु मंजरी, आभा लता, सारिका पासवान, प्रमोद कुमार सिन्हा, मदन शर्मा, फैयाज आलम कमाल सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.

पार्टी ने दावा किया कि बिहार के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया.

आगे क्या?

25 सितंबर के इस प्रदर्शन के बाद चुनाव प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर बिहार की राजनीति में बहस और तेज होने के संकेत मिले हैं.राजद ने अपने आंदोलन के जरिए पांच राज्यों में पुनः चुनाव और चुनाव आयोग की पारदर्शिता की मांग को राजनीतिक मुद्दा बनाया है.

वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी और विपक्षी दलों के आरोपों के बीच तथ्यात्मक स्थिति को समझने के लिए आधिकारिक दस्तावेजों, चुनावी रिकॉर्ड और संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी.

निष्कर्ष

पटना सहित बिहार में राजद का 25 सितंबर का प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और चुनावी प्रक्रिया पर पार्टी की आपत्तियों को लेकर आयोजित किया गया. राजद ने पांच राज्यों में पुनः चुनाव की मांग की है. हालांकि, प्रदर्शन में लगाए गए चुनावी धांधली और खातों में राशि ट्रांसफर जैसे आरोपों को पार्टी के दावे के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी ओर से चुनाव और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की जानकारी दी है.

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