निदेशक बोले— ‘जटिल सर्जरी और आधुनिक इलाज में संस्थान ने रचा इतिहास’
तीसरा पक्ष ब्यूरो, पटना: बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बन चुके अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), पटना ने शुक्रवार को अपनी स्थापना के 15 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर संस्थान के मुख्य ऑडिटोरियम में 15वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया।. कार्यक्रम में चिकित्सा जगत से जुड़े गणमान्य लोग, फैकल्टी मेंबर्स और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
IIM बोधगया की फाउंडर डायरेक्टर ने किया उद्घाटन

समारोह का विधिवत उद्घाटन भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया की फाउंडर डायरेक्टर प्रो. विनिता एस. सहाय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अपने उद्घाटन भाषण में प्रो. सहाय ने एम्स पटना के 15 वर्षों के सफर को सराहा और संस्थान के फैकल्टी सदस्यों, डॉक्टरों तथा समस्त कर्मचारियों को इस मील के पत्थर तक पहुंचने की बधाई दी।. उन्होंने कहा कि चिकित्सा और प्रबंधन दोनों का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवा पहुंचाना है, जिसमें एम्स पटना लगातार आगे बढ़ रहा है.
15 वर्षों में कई जटिल सर्जरीज और बड़ी उपलब्धियां: प्रो. राजू अग्रवाल
समारोह को संबोधित करते हुए एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट रखी.
जटिल मामलों में सफलता: डॉ. अग्रवाल ने रेखांकित किया कि पिछले 15 वर्षों में एम्स पटना ने न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया, बल्कि कई बेहद जटिल और जीवनरक्षक सर्जरीज को सफलतापूर्वक अंजाम देकर मरीजों को नया जीवन दिया है.
क्षेत्रीय निर्भरता में कमी: संस्थान के उच्चस्तरीय इलाज के चलते अब बिहार और आसपास के राज्यों के गंभीर मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े महानगरों की ओर रुख करने की मजबूरी काफी हद तक कम हुई है.
भविष्य की योजनाएं: उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान रिसर्च, आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी और मरीज-हितैषी सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करना जारी रखेगा.
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
गंभीर अकादमिक और प्रशासनिक चर्चाओं के बीच समारोह में कला और संस्कृति की भी सुंदर झलक दिखी. मेडिकल छात्र-छात्राओं और फैकल्टी सदस्यों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसमें शास्त्रीय व समकालीन संगीत और नृत्य शामिल रहे. ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया.
अंत में
15 वर्षों के इस सफर में एम्स पटना ने पूर्वी भारत के स्वास्थ्य परिदृश्य में अपनी ठोस पहचान बनाई है। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और लगातार हो रही जटिल सर्जरीज ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नया भरोसा दिया है।
मेरा नाम रंजीत कुमार है और मैं समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) हूँ. मैं महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर गहन एवं विचारोत्तेजक लेखन में रुचि रखता हूँ। समाज में व्याप्त जटिल विषयों को सरल, शोध-आधारित तथा पठनीय शैली में प्रस्तुत करना मेरा मुख्य उद्देश्य है.
लेखन के अलावा, मूझे अकादमिक शोध पढ़ने, सामुदायिक संवाद में भाग लेने तथा समसामयिक सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा करने में गहरी दिलचस्पी है.


















