बिहार में बदलाव की आंधी: तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा ने भरी नई ऊर्जा

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Ajit Kumar

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बिहार में बदलाव की आंधी: तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा ने भरी नई ऊर्जा

यात्रा का मूल मंत्र: कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 16 सितम्बर 2025—बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी है.नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव की अगुवाई में शुरू हुई, बिहार अधिकार यात्रा ने पहले ही दिन जिस तरह का जनसमर्थन जुटाया है, उसने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है. राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने दावा किया है कि खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लाखों लोग अपने-अपने क्षेत्रों से निकलकर सड़क किनारे खड़े होकर तेजस्वी यादव का स्वागत करते दिखे.

विपरीत मौसम पर भारी जनसैलाब

विपरीत मौसम पर भारी जनसैलाब

तेजस्वी यादव ने 16 सितम्बर से अपनी यात्रा की शुरुआत पटना जिला के मसौढ़ी विधानसभा से किया . इसके बाद कारवां जहानाबाद, नालंदा के इस्लामपुर, हिलसा और फतुहा तक पहुंचा. यात्रा के दौरान हर जगह सड़क किनारे लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.गगन का कहना है कि यह भीड़ किसी सरकारी आदेश या भाड़े की व्यवस्था से नहीं, बल्कि पूरी तरह स्वतःस्फूर्त आई थी. इसमें सभी जातियों, धर्मों और वर्गों के लोग शामिल रहे.खासकर युवाओं में जोश और उम्मीद का एक अलग ही माहौल देखने को मिला.

तेजस्वी को एक मौका देने का मन बना चुकी है जनता

राजद प्रवक्ता के अनुसार बिहार के लोग अब यह मान चुके हैं कि प्रदेश को एक नई दिशा की आवश्यकता है और इसके लिए वे तेजस्वी यादव को मौका देना चाहते हैं.उन्होंने कहा कि लंबे समय से बिहार सिर्फ वादों और घोषणाओं का शिकार होता रहा है. पहली बार किसी नेता ने सीधे जनता के मुद्दों को केंद्र में रखते हुए सकारात्मक एजेंडा पेश किया है.

यात्रा का मूल मंत्र: कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई

यात्रा का मूल मंत्र: कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई

तेजस्वी यादव की यात्रा का फोकस केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर है. उनके एजेंडे में रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, पलायन रोकना, सिंचाई की बेहतर व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुख हैं. उनका नारा है— कमाई, पढ़ाई, दवाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई. यह सूत्र वाक्य जनता के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और विशेषकर नौजवान इसे अपने भविष्य की उम्मीद के रूप में देख रहे हैं.

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पांच दिवसीय यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम

17 सितम्बर को यह कारवां पटना जिला के बख्तियारपुर, बाढ़ और मोकामा होते हुए बेगूसराय जिले के तेघरा विधानसभा पहुंचेगा.

18 सितम्बर को यात्रा बेगूसराय से खगड़िया, सहरसा और मधेपुरा जिले के कई क्षेत्रों से गुजरेगी, जहां अलग-अलग जगहों पर आमसभाएं आयोजित होंगी.

इसके आगे यात्रा सीमांचल और कोसी क्षेत्र की ओर बढ़ेगी, जिससे व्यापक जनसम्पर्क स्थापित करने की योजना है.

युवाओं और महिलाओं में उत्साह

यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा का विषय बनी. कई जगहों पर महिलाएं सड़क किनारे खड़ी होकर तेजस्वी यादव का स्वागत करती दिखीं. वहीं युवाओं ने नारेबाजी कर उन्हें भविष्य का मुख्यमंत्री बताया. गगन का कहना है कि यह उत्साह इस बात का संकेत है कि बदलाव की बयार अब चुनावी परिणामों में भी दिखाई देगी.

विपक्ष का तेवर और सत्तापक्ष की चिंता

तेजस्वी यादव की यह यात्रा जहां राजद कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर रही है, वहीं सत्ताधारी एनडीए खेमे में चिंता बढ़ा रही है. सूत्रों के अनुसार, एनडीए नेता इस यात्रा की सफलता पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर रहे हैं.

निष्कर्ष

तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा फिलहाल केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि बदलाव की उम्मीद का प्रतीक बनती जा रही है. जिस तरह से आम जनता, विशेषकर युवा वर्ग, इस यात्रा से जुड़ रहा है, उससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले चुनावों में बिहार की राजनीति नए मोड़ पर खड़ी होगी. अब देखना यह होगा कि क्या यह जनसैलाब वोट में तब्दील होकर तेजस्वी यादव को सत्ता तक पहुंचाता है या यह केवल एक उत्साह तक ही सीमित रह जाता है.

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