बिहार सरकार के ऐतिहासिक फैसले: एक नई दिशा की ओर बढ़ता राज्य

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Ajit Kumar

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बिहार सरकार के ऐतिहासिक फैसले: एक नई दिशा की ओर बढ़ता राज्य

युवाओं को अवसर, किसानों को सहारा, शहरों को रफ्तार,एनडीए सरकार के मास्टरस्ट्रोक

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 15 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गये. जिनके दूरगामी प्रभाव राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य पर पड़ने की संभावना है.इन निर्णयों का स्वागत करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सरकार की दूरदृष्टि और जनसरोकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचायक है.

रोजगार के नए अवसर, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

डॉ. जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है.जो बिहार के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है. इसके साथ ही 112 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की स्थापना एवं विस्तार को मंजूरी देकर तकनीकी शिक्षा को नया बल देने का प्रयास किया गया है.

ऊर्जा और कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा

राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बिहार पम्प भंडारण परियोजना प्रोत्साहन नीति–2025 को मंजूरी दिया गया है. वहीं, गन्ना उद्योग विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन कर कृषि क्षेत्र से जुड़े कर्मियों को बेहतर सुविधाएं देने का रास्ता खोला गया है.

शहरी विकास और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

शहरी परिवहन को गति देने के लिए पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के प्रायोरिटी कॉरिडोर के रखरखाव के साथ-साथ दानापुर जलापूर्ति योजना के लिए ₹300 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत किया गया है.साथ ही, सड़क और पुलों के निर्माण के लिए पूर्णिया, मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर और बख्तियारपुर में ₹14,000 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक मंजूरी दिया गया है.

शिक्षा और तकनीकी विकास को नई धार

वित्तरहित शिक्षा नीति के अंतर्गत योग्य शिक्षकों एवं कर्मियों को ₹394 करोड़ की सहायता दिया जायेगा. इसके अलावा ‘सात निश्चय’ योजना के अंतर्गत तकनीकी संस्थानों में ₹170 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है. जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.

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जल प्रबंधन और राजस्व सुधार

पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के विस्तार के लिए ₹7832 करोड़ की स्वीकृति दिया गया है. वाणिज्यिक करों को सरल करते हुए. सीएनजी और पीएनजी बिक्री पर करों में संशोधन किया गया है. वहीं बिहार व्यवसायी दुर्घटना मृत्यु अनुदान योजना 2025 के तहत गैर-कारपोरेट करदाताओं के आश्रितों को ₹5 लाख तक की सहायता दिया जायगा.

प्रशासनिक सुधार और सुरक्षा बलों को सम्मान

सरकार ने जमुई, वैशाली और शिवहर जिलों में भूमि स्थानांतरण को मंजूरी दिया है.बम निरोधक दस्ते को जोखिम भत्ता और न्यायिक अधिकारियों को वेतनवृद्धि देकर सरकार ने उनकी सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया है.

निर्वाचन प्रणाली को सशक्त बनाने की पहल

राज्य में 85,000 बीएलओ और सुपरवाइज़र को ₹6000 प्रति व्यक्ति की दर से ₹51.68 करोड़ की स्वीकृति देकर चुनाव प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.

एक समावेशी विकास की ओर

डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि आज लिए गए फैसले न केवल विकास की गति को बढ़ाएंगे बल्कि आम जनता के जीवन में वास्तविक सुधार लाएंगे. भाजपा राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है.

इन नीतिगत निर्णयों से स्पष्ट है कि बिहार अब एक नई दिशा और उम्मीदों के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है. आने वाले वर्षों में इन पहलों के प्रभाव से राज्य की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

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