जमुनियाचक कांड पर राजद का एक्शन मोड,गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति

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Ajit Kumar

बिहार
जमुनियाचक कांड पर राजद का एक्शन मोड,गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति

सियासी सरगर्मी तेज,27 अगस्त को घटनास्थल का करेगी दौरा

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 26 अगस्त 2025:पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत जमुनियाचक गांव में हाल ही में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है.इस घटना में थार गाड़ी की चपेट में आकर दो महिलाओं और तीन मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई.यह हादसा उस समय हुआ जब सभी पीड़ित शौच के लिए गांव के पास बने बाईपास संपर्क पथ के किनारे गई थीं.

घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी ओर से एक स्वतंत्र जांच टीम का गठन किया है.यह सात सदस्यीय टीम 27 अगस्त को मौके पर जाकर तथ्यों की पड़ताल करेगी और घटना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपेगी.

जांच टीम का नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं के हाथ में

राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल द्वारा गठित इस टीम के संयोजक बनाए गए हैं अनिल कुमार साधु, जो पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हैं.वहीं प्रदेश महासचिव मदन शर्मा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है.

अन्य सदस्यों में शामिल हैं:

निर्भय अंबेदकर, प्रदेश महासचिव

सारिका पासवान, प्रदेश प्रवक्ता

गणेश यादव, युवा राजद के प्रदेश महासचिव

ओम प्रकाश पासवान, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष

नीतू दास, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि जांच टीम बुधवार सुबह पटना से रवाना होकर जमुनियाचक गांव पहुंचेगी. वहां वे प्रत्यक्षदर्शियों, पीड़ित परिवारों और स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर घटना की वस्तुस्थिति को समझेंगे. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अब तक पुलिस और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है.

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राजद ने लिया सामाजिक जिम्मेदारी का दायित्व

राजद का यह कदम न सिर्फ राजनीतिक सक्रियता का उदाहरण है. बल्कि सामाजिक और मानवीय जिम्मेदारी का भी प्रतीक है. पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में यह पहल अहम मानी जा रही है.

घटना ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, ग्रामीण इलाकों में शौचालय की कमी और यातायात नियमों के पालन जैसे कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.इस पृष्ठभूमि में राजद द्वारा गठित यह जांच समिति आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम भूमिका निभा सकती है.

यह मामला अब सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी बन चुका है.जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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