Jharkhand:मांडर में मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को मिली नई उड़ान

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kmSudha

झारखण्ड
Jharkhand:मांडर में मेधावी छात्रों का सम्मान, शिक्षा को मिली नई उड़ान

नेहा शिल्पी तिर्की ने दी छात्रों को सफलता का मंत्र:व्यवहारिक ज्ञान ही असली ताकत

तीसरा पक्ष ब्यूरो,मांडर,झारखंड: शिक्षा के क्षेत्र में मांडर प्रखंड के छात्रों ने एक बार फिर सफलता की नई उड़ान भरी है. मांडर कॉलेज परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लगभग 300 मेधावी छात्रों को ‘भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी प्रतिभा सम्मान’ से सम्मानित किया गया.

शिल्पी नेहा तिर्की ने की पहल की सराहना

शिल्पी नेहा तिर्की ने की पहल की सराहना

यह पहल न केवल छात्रों की मेहनत का सम्मान है, बल्कि समाज और परिवार के लिए भी गर्व की बात है. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कांग्रेस नेत्री और मांडर विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने प्रतिभागी छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि,
“परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत, लगन और लक्ष्य को पाने की ज़िद से सफलता निश्चित है. आज मांडर में दिहाड़ी मजदूरों, खोमचा लगाने वालों और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बेटे-बेटियाँ भी टॉपर बन रहे हैं – यह बदलाव आशाजनक है.

व्यवहारिक ज्ञान ही असली ताकत- तिर्की

व्यवहारिक ज्ञान ही असली ताकत- तिर्की

शिल्पी नेहा तिर्की ने यह भी कहा कि डिग्री प्राप्त करना आज के समय में अपेक्षाकृत आसान हो गया है, लेकिन बिना व्यवहारिक ज्ञान के वह अधूरी है. छात्रों को आत्ममंथन कर अपने आचरण और दृष्टिकोण को परखना होगा, क्योंकि वही उनकी आगे की दिशा तय करेगा .

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सफलता की शुरुआत, अंत नहीं

सफलता की शुरुआत, अंत नहीं

नेहा शिल्पी तिर्की ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा:
सफलता से उत्साहित होना गलत नहीं, लेकिन यह अंत नहीं – शुरुआत है. अब आपसे परिवार, समाज और देश की अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. यही सम्मान हर दिन आपको प्रेरित करेगा अपने लक्ष्य की ओर.
उन्होंने इस अवसर पर संविधान की जानकारी को भी युवाओं के लिए अनिवार्य बताया और कहा:
देश किसी धर्मग्रंथ से नहीं, संविधान से चलता है. आज की युवा पीढ़ी को संविधान की मूल भावना और अधिकारों-कर्तव्यों की गहरी समझ होनी चाहिए.

2005 में हुई थी इस परंपरा की शुरुआत

इस प्रतिभा सम्मान योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की द्वारा की गई थी. उनका उद्देश्य था कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जाए.
आज उसी सोच की नींव पर मांडर के छात्र एक नई पहचान गढ़ रहे हैं. सम्मान पाने वाले छात्रों के चेहरों पर आत्मविश्वास और आंखों में भविष्य के सपनों की चमक साफ झलक रही थी.
इस अवसर पर स्थानीय स्कूलों के शिक्षक, अभिभावक और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और छात्रों की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की.

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