जब नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित नहीं तो फिर आम जनता का क्या?

| BY

Ajit Kumar

बिहार
जब नेता प्रतिपक्ष सुरक्षित नहीं तो फिर आम जनता का क्या?

तेजस्वी यादव के सरकारी आवास के बाहर फायरिंग !

क्या बिहार में डर की राजनीति शुरू हो गई?

तीसरा पक्ष ब्यरो पटना,19 जून : बिहार की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आधिकारिक आवास के बाहर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई.यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.

इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किया.उन्होंने लिखा कि कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के काफिले में एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी और अब उनके आवास के बाहर गोलियां चलने की खबर आ रही है.उन्होंने इस पूरी घटनाक्रम को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला.

शक्ति सिंह यादव का बयान

जब बिहार में नेता प्रतिपक्ष ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी है? ये डर का माहौल बनाकर किस तरह की राजनीति की जा रही है? उन्होंने सवाल उठाया.

तेजस्वी यादव पर दोहराया गया हमला?
पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे तेजस्वी यादव को निशाना बनाया गया है.पहले उनके काफिले में ट्रक की टक्कर और अब सरकारी आवास के पास गोलियां चलना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं सुरक्षा एजेंसियां विफल साबित हो रही हैं.

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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है.विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताया है और राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

अब सवाल यह उठता है

क्या तेजस्वी यादव को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है?

क्या यह घटनाएं संयोग हैं या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा?

बिहार की कानून व्यवस्था पर क्या अब भरोसा बचा है?

राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस फायरिंग की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट ने आम लोगों में भय का माहौल जरूर बना दिया है.

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