भाजपा ने जताया आभार, पटना में हुआ विशेष आयोजन
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 5 जुलाई:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए जातीय जनगणना के ऐतिहासिक निर्णय और एनडीए सरकार के 11 वर्षों की बेमिसाल उपलब्धियों के उपलक्ष्य में बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई दिग्गज नेताओं ने भाग लिया और मोदी सरकार की नीतियों की सराहना की.
जातीय जनगणना के लिए मोदी सरकार को आभार कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बलराम मंडल ने की. मंच पर ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

कार्यक्रम में सांसद संजय जायसवाल, रविशंकर प्रसाद, मंत्री प्रेम कुमार, निखिल आनंद, हरि सहनी, मंटू सिंह पटेल, भीम सिंह सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
के. लक्ष्मण:पिछड़े वर्ग को मिला सम्मान, सरकार ने सिर्फ वादा नहीं, काम करके दिखाया
सांसद के. लक्ष्मण ने अपने संबोधन में कहा कि मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय को सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे नीति और क्रियान्वयन के स्तर पर उतारा। उन्होंने कहा कि पिछड़ों और अति पिछड़ों को जिस प्रकार का सम्मान और भागीदारी मोदी सरकार में मिली है, वह अभूतपूर्व है.उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना का निर्णय केवल एक आंकड़ा संग्रहण नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने वाला कदम है. इससे नीतियां ज़मीनी हकीकत के अनुरूप बनाई जा सकेंगी.
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सम्राट चौधरी:एनडीए सरकार विकास और विश्वास का पर्याय बनी
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार एनडीए सरकार जातीय गणना की पहल पहले ही कर चुकी थी और अब मोदी सरकार ने पूरे देश में इसे लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. उन्होंने इसे एक दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक न्याय की नींव को और मजबूत करेगा.
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था और आवास योजनाओं पर सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है और एक करोड़ लोगों को पक्का मकान देने का संकल्प भी तेजी से पूरा किया जा रहा है.
विजय कुमार सिन्हा: गरीबों के लिए समर्पित है एनडीए सरकार
विजय सिन्हा ने अपने वक्तव्य में कहा कि एनडीए सरकार का हर कदम समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीबों की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर प्रदान करना है.जातीय जनगणना इस दिशा में एक अहम कदम साबित होगी.
विकास, समावेश और पारदर्शिता की मिसाल
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर), डिजिटल समावेशन और ग्रामीण आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने जैसे प्रयासों से 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं.
भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर दोहराया कि जातीय जनगणना जैसे निर्णय केवल सामाजिक न्याय की दिशा में नहीं, बल्कि समावेशी विकास की आधारशिला भी हैं.
निष्कर्ष
बिहार भाजपा द्वारा आयोजित यह विशेष कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और एनडीए सरकार की नीतियों पर विश्वास की पुष्टि का प्रतीक बना। नेताओं ने जातीय जनगणना को न केवल एक राजनीतिक निर्णय बल्कि सामाजिक समरसता और न्याय का सशक्त माध्यम बताया.
इस आयोजन के माध्यम से भाजपा ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि आने वाले समय में उसकी प्राथमिकता सामाजिक न्याय के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्ग के विकास को सुनिश्चित करने की रहेगी.

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