विपक्ष की वोटर अधिकार यात्रा बनी मुख्यमंत्री पद की दौड़: भाजपा का वार
तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 20 अगस्त:बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय सरावगी ने विपक्ष की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को लेकर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने इस यात्रा को जनहित के मुद्दों से भटकी हुई करार देते हुए कहा कि यह असल में,विपक्ष के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों की चयन यात्रा बन चुका है.
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सरावगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किया है.उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने रोहतास में एक महिला रेणु देवी का उदाहरण देकर दावा किया था कि उनके परिवार के छह सदस्यों का नाम मतदाता सूची से काट दिया गया है. लेकिन यह दावा 24 घंटे के भीतर ही गलत साबित हो गया.इस ,झूठे दावे के लिए सरावगी ने राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग किया है.
CSDS डेटा पर हमला
सरावगी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने जिस आंकड़े के आधार पर यह यात्रा शुरू किया है .उसे जारी करने वाले CSDS के प्रोफेसर संजय कुमार ने खुद स्वीकार किया कि उनके द्वारा जारी आंकड़ों में त्रुटि हुआ था . सरावगी ने सवाल उठाया कि,अब क्या राहुल गांधी भी माफी मांगेंगे?
तेजस्वी-राहुल हार की भूमिका बना रहे
सरावगी ने दावा किया कि कांग्रेस और राजद नेतृत्व आने वाले चुनाव में अपनी,निश्चित हार की जमीन तैयार कर रहा है.उन्होंने कहा कि,तेजस्वी यादव और राहुल गांधी को मालूम है कि जनता उन्हें नकारने जा रही है. इसलिए वे हार के लिए पहले से बहाने तैयार कर रहे हैं.
घुसपैठियों की सूची पर डर का आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष को असल चिंता उन ,घुसपैठियों के नामों के कटने की है. जो वर्षों से फर्जी तरीके से मतदाता सूची में शामिल रहे हैं. उन्होंने दरभंगा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहाँ लगभग 1300 मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम दो से तीन जगह दर्ज हैं. और इनमें से अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. सरावगी ने आरोप लगाया कि यही लोग कांग्रेस और राजद के लिए ,बोट बैंक का काम करते थे.
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इतिहास को याद दिलाया
सरावगी ने लालू यादव के उस पुराने बयान की भी याद दिलाया जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त टी. एन. शेषण को रस्सी से बांधकर खटाल में रखने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि,आज वही लोग लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बातें कर रहे हैं.जो कभी चुनावी व्यवस्था का मज़ाक उड़ाते थे.
भ्रष्टाचार और दोहरा मापदंड
प्रेस वार्ता में सरावगी ने कांग्रेस और राजद को घोटालों की जननी बताते हुए कहा कि जिन दलों के शीर्ष नेता स्वयं सजायाफ्ता हों उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा की,जब ये जीतते हैं. तब चुनाव प्रक्रिया ठीक लगती है. लेकिन हार की आहट मिलते ही इन्हें पूरी प्रणाली पर शक होने लगता है.
गंभीर आरोप: पुलिसकर्मी के घायल होने का मामला
सरावगी ने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान विपक्षी नेताओं के काफिले की एक गाड़ी ने एक पुलिसकर्मी के पैर कुचल दिया गया लेकिन राहुल और तेजस्वी दोनों ने वाहन से उतरकर हाल जानने की ज़रूरत तक नहीं समझी. उन्होंने इसे,गंभीर अमानवीयता करार दिया है.
प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेता
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल और सह प्रभारी सूरज पांडेय भी उपस्थित थे. दोनों ने यात्रा को राजनीतिक नौटंकी करार दिया.
निष्कर्ष: संजय सरावगी ने विपक्ष की वोटर अधिकार यात्रा को न केवल दिखावा बताया है बल्कि इसके पीछे वोट बैंक की राजनीति और पूर्व नियोजित पराजय स्वीकार्यता की रणनीति का आरोप भी लगाया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस तीखे हमले का क्या जवाब देते हैं.

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