संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज पर राजद का हमला, अरुण यादव ने केंद्र सरकार को घेरा

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Ajit Kumar

बिहारभारत
संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई पर बयान देते राजद प्रवक्ता अरुण कुमार यादव

संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा कर उनकी मांगें मानने की अपील की

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना :राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे आंदोलनकारी युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और आँसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की है.उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है.

अरुण यादव ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों और विशेष रूप से युवाओं को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है. यदि छात्र और युवा अपनी समस्याओं को लेकर संसद की ओर मार्च करते हैं, तो उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग करना गंभीर चिंता का विषय है.

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किन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे युवा?

राजद के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर संसद मार्च कर रहे थे.इनमें प्रमुख रूप से,

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग.
पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग.
राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार.
परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग.
पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग.
प्रभावित छात्रों को सहायता और मृत छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग.

राजद का कहना है कि ये सभी मांगें शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हैं, इसलिए सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं पर उठाए सवाल

अरुण यादव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षाओं के रद्द होने और देरी से परिणाम आने के कारण छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही समस्याओं के कारण छात्रों का सरकार और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है.ऐसे में सरकार की प्राथमिकता परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना होना चाहिए.

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केंद्र सरकार पर साधा निशाना

राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि छात्रों के सवालों का समाधान निकालने के बजाय केंद्र सरकार आंदोलन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध को सम्मान दिया जाना चाहिए तथा संवाद के माध्यम से समाधान खोजा जाना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार नैतिक जिम्मेदारी निभाना चाहती है तो उसे छात्रों की मांगों पर विचार करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है. पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा का विषय रहा हैं.

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि डिजिटल सुरक्षा, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही, समयबद्ध जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जैसी व्यवस्थाएं लागू होने से छात्रों का भरोसा मजबूत किया जा सकता है.

राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न विपक्षी दलों ने भी छात्रों के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है. राजद ने स्पष्ट किया है कि वह छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलनों के समर्थन में खड़ा रहेगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाता रहेगा.

वहीं, सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से समय-समय पर यह कहा जाता रहा है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है.

निष्कर्ष

संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. राजद ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए छात्रों की मांगों को उचित ठहराया है, जबकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न देशभर के लाखों छात्रों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है.आने वाले समय में सरकार, विपक्ष और छात्र संगठनों के बीच इस मुद्दे पर संवाद और राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं.

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