दीपंकर भट्टाचार्य का बिहार दौरा: सरकार पर तीखा हमला

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Ajit Kumar

बिहार
जहानाबाद और अरवल दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मुलाकात करते भाकपा (माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य.

जहानाबाद और अरवल में पीड़ित परिवारों से मिले, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

तीसरा पक्ष ब्यूरो पटना, 4 अगस्त 2026: भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य इन दिनों बिहार दौरे पर हैं.पार्टी के अनुसार उनका यह दौरा 7 अगस्त तक जारी रहेगा, जिसके दौरान वे राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर हाल के दिनों में हुई विभिन्न घटनाओं से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे तथा जनसभाओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे.

मंगलवार को उन्होंने जहानाबाद और अरवल जिले का दौरा किया.इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्रवाई, हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. पार्टी ने इसे राज्य के विभिन्न हिस्सों में घटित घटनाओं की वास्तविक स्थिति जानने और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने का प्रयास बताया.

जहानाबाद और अरवल में पीड़ित परिवारों से मुलाकात

दौरे के दौरान दीपंकर भट्टाचार्य ने पाखरपुर में रागिनी देवी के परिजनों तथा हैबतपुर में टुनटुन महतो के परिवार से मुलाकात की. इसके अलावा उन्होंने सामंती उत्पीड़न से प्रभावित चैती पीपर गांव के ग्रामीणों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली.

भाकपा (माले) के अनुसार महासचिव ने भादसी में टाडा बंदी रहे चूरामन भगत की श्रद्धांजलि सभा में भी भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

शराबबंदी कानून के नाम पर पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में दीपंकर भट्टाचार्य ने राज्य सरकार की शराबबंदी नीति के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय आम लोगों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून का उद्देश्य समाज में सुधार लाना था, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवाल उठ रहा हैं. उनका आरोप था कि निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि संगठित अवैध कारोबार पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है.

बांकीपुर उपचुनाव को बताया बदलाव का संकेत

भाकपा (माले) महासचिव ने हाल ही में हुए बांकीपुर उपचुनाव के परिणामों का भी उल्लेख किया.उन्होंने कहा कि यह परिणाम बिहार की राजनीति में बदलाव की आहट का संकेत देता है और आने वाले समय में इसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है.

हालांकि यह राजनीतिक टिप्पणी भाकपा (माले) का दृष्टिकोण है और चुनाव परिणामों की व्याख्या अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिए से कर रहे हैं.

छात्र आंदोलन और जेन-जी को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना

दीपंकर भट्टाचार्य ने हाल के छात्र आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और भाजपा-आरएसएस को जेन-जी आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश बंद करनी चाहिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्र-युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया, गोली चलाई गई तथा गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए.उनके अनुसार बड़ी संख्या में युवाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से पहले गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की बात कही गई थी, लेकिन अभी भी कई छात्र और युवा जेल में बंद हैं.उन्होंने मांग किया कि सभी गिरफ्तार छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं.

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5 अगस्त को सिवान जाएंगे दीपंकर भट्टाचार्य

पार्टी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को दीपंकर भट्टाचार्य सिवान जिले का दौरा करेंगे.इस दौरान वे पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में घायल छात्र तथा अन्य घायल छात्रों और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे.

इसके बाद वे अंबेडकर पार्क, सिवान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां शिक्षा, रोजगार और छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे.

6 अगस्त को पालीगंज में संकल्प सभा

दौरे के अगले चरण में 6 अगस्त को दीपंकर भट्टाचार्य पालीगंज हाई स्कूल खेल मैदान में आयोजित संकल्प सभा को संबोधित करेंगे.

पार्टी के अनुसार इस सभा में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, सम्मानजनक रोजगार, किसानों के लिए नहरों में पानी की उपलब्धता, गरीबों के लिए वास एवं आवास, तथा कथित एनकाउंटर, बुलडोज़र कार्रवाई और पुलिस दमन जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाएंगे.

बिहार की राजनीति में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक तैयारियों के बीच विभिन्न दल लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं. ऐसे समय में भाकपा (माले) का यह दौरा राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी एक ओर प्रभावित परिवारों से मिलकर जनसरोकारों के मुद्दों को प्रमुखता देने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, रोजगार, कानून व्यवस्था और किसानों से जुड़े विषयों को भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का प्रयास कर रही है.

आने वाले दिनों में सिवान और पालीगंज में होने वाले कार्यक्रमों पर भी राजनीतिक दलों और आम लोगों की नजर रहेगी, क्योंकि इन सभाओं में पार्टी अपनी आगे की रणनीति और जनआंदोलन से जुड़े मुद्दों को विस्तार से सामने रख सकती है.

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